जीवन की असली मंज़िल
जीवन के उद्देश्य पर विचार करती कहानी।
दो यात्री एक लंबी यात्रा पर निकले। पहला यात्री धन और सुविधा की खोज में भागता रहा। दूसरा रास्ते में लोगों की मदद करता, प्रकृति को निहारता और भीतर की शांति को महसूस करता।
मंज़िल पर पहुँचकर पहले यात्री को लगा कि उसने बहुत कुछ पाया, पर मन खाली था। दूसरे यात्री का मन भरा हुआ था। सीख: मंज़िल से ज़्यादा महत्व उस सफर का है, जिसमें हम प्रेम और सेवा बाँटते हैं।
