गाँव का मेला
मिल-जुलकर खुशी मनाने की कहानी।
एक गाँव में हर साल मेला लगता था। लोग दूर-दूर से आते, झूले झूलते और लोकगीत गाते। इस बार मेले के लिए पैसों की कमी हो गई।
गाँव के हर परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार कुछ-कुछ दिया। मेला पहले से भी ज़्यादा रौनक वाला हुआ। सीख: सामूहिक प्रयास से हर उत्सव और भी सुंदर बनता है।
