गुरु दक्षिणा
सच्ची सेवा की कहानी।
एक शिष्य अपने गुरु के आश्रम में वर्षों तक सेवा करता रहा। जब शिक्षा पूरी हुई, तो गुरु ने कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए, बस अपने गाँव की भलाई करना।
शिष्य ने गाँव में पाठशाला खोली और सैकड़ों बच्चों को पढ़ाया। सीख: सच्ची गुरु दक्षिणा ज्ञान को बाँटने में है।
