ध्यान का दीया
एकाग्रता के महत्व की कहानी।
एक शिष्य गुरु के पास आया और बोला कि उसका मन ध्यान में टिकता ही नहीं। गुरु ने उसे एक दीया दिया और कहा कि इसे हवा से बचाते हुए अपने कमरे तक ले जाओ।
शिष्य ने पूरी एकाग्रता से दीया संभाला और उसकी लौ नहीं बुझी। गुरु ने कहा कि ध्यान भी ऐसा ही है, मन को एक बिंदु पर स्थिर रखना। सीख: धीरे-धीरे अभ्यास से मन स्थिर होता है।
