अहंकार की गठरी
अहंकार के बोझ को समझने की कहानी।
एक व्यक्ति अपने सिर पर एक भारी गठरी लेकर चल रहा था। लोग उसे देखकर हँसते थे कि वह इतना बोझ क्यों उठाए है। उसने कहा कि यह मेरे ज्ञान, धन और पद की गठरी है, इसे छोड़ना मेरे लिए कठिन है।
एक संत ने कहा कि जब तुम झुककर नदी पार करोगे, तो यह गठरी अपने आप बह जाएगी। सीख: अहंकार छोड़ने पर ही हल्कापन मिलता है।
