सावित्री और सत्यवान
पतिव्रता सावित्री की अद्भुत कथा।
राजकुमारी सावित्री ने वन में रहने वाले सत्यवान को अपना पति चुना। नारद मुनि ने बताया कि सत्यवान की आयु कम है। फिर भी सावित्री ने अपना निश्चय नहीं बदला।
विवाह के बाद जब यमराज सत्यवान के प्राण लेने आए, तो सावित्री उनके पीछे चलती रही। अपनी बुद्धि और धैर्य से उसने यमराज से वरदान पाकर पति के प्राण वापस लिए। सीख: धैर्य, प्रेम और बुद्धि हर संकट से पार ले जाते हैं।
