कठपुतली वाला
कला और ईमानदार मेहनत की कहानी।
एक गाँव में एक कठपुतली वाला रहता था जो रंग-बिरंगी कठपुतलियाँ बनाता और गाँव-गाँव जाकर खेल दिखाता। लोग उसे खूब पसंद करते थे, पर उसकी कमाई कम थी।
उसने कभी अपनी कला से समझौता नहीं किया। एक दिन राजा ने उसका खेल देखा और उसे दरबार में बुलाया। सीख: अपनी कला पर भरोसा रखो, सही समय पर पहचान ज़रूर मिलती है।
