जादुई बांसुरी
सुर और सच्चाई की कहानी।
एक चरवाहा बहुत अच्छी बांसुरी बजाता था। उसकी धुन से पशु-पक्षी भी झूम उठते थे। एक दिन एक जादूगर ने उससे बांसुरी माँगी।
चरवाहे ने कहा कि बांसुरी का जादू सुर में नहीं, उसके मन की सच्चाई में है। जादूगर ने बांसुरी बजाई, पर उसमें वह मीठी धुन नहीं आई। सीख: असली कला दिल से निकलती है।
