दीपक और सूरज
सही समय पर सही काम की सीख।
एक दीपक को अपनी छोटी रोशनी पर घमंड था। उसने सूरज से कहा कि वह उसके बिना अंधेरा दूर नहीं कर सकता।
सूरज मुस्कुराया और बोला कि मैं सारी दुनिया को रोशन करता हूँ, पर तू अपने आसपास ही उजाला फैलाता है। दोनों का काम अलग है और दोनों का महत्व है। सीख: हर किसी की अपनी जगह और भूमिका होती है।
