शिक्षक का बेटा
शिक्षा और अनुशासन की कहानी।
एक गाँव के शिक्षक का बेटा पढ़ाई में कमज़ोर था। पिता ने उसे डाँटने के बजाय हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा समय दिया और उसकी गलतियाँ धैर्य से समझाईं।
कुछ महीनों में बेटे का आत्मविश्वास बढ़ा और वह कक्षा में प्रथम आने लगा। सीख: धैर्य और प्यार से सिखाया गया ज्ञान गहरा असर करता है।
