गोडावण की कहानी
राज्य पक्षी के संरक्षण की कहानी।
थार के मैदानों में गोडावण नाम का एक बड़ा और सुंदर पक्षी रहता था। वह खुले घास के मैदानों में अपना घोंसला बनाता था। धीरे-धीरे खेती और निर्माण के कारण उसके मैदान सिमटने लगे।
गाँव के एक बुज़ुर्ग ने लोगों को समझाया कि गोडावण इस धरती की शान है। गाँववालों ने घास के मैदानों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। सीख: प्रकृति के साथियों की रक्षा हमारी भी रक्षा है।
